ENVIRONMENT & ECOLOGY
(पर्यावरण और पारिस्थितिकी)
परमाणु
विश्व का पहला परमाणु ईंधन रिज़र्व
चर्चा में क्यों?
कज़ाकिस्तान (Kazakhstan) के ओस्केमेन (Oskemen) में दुनिया का पहला लॉ इनरिचड यूरेनियम बैंक (world’s first Low Enriched Uranium Bank) खोला जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (International Atomic Energy Agency – IAEA) द्वारा वर्ष 2010 में इस परियोजना का शुभारंभ किया गया था।
प्रमुख बिंदु
तीन वर्षों के लिये एक बड़े रिएक्टर को पर्याप्त मात्रा में ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु इस बैंक में 90 टन यूरेनियम का भंडारण किया जाएगा।
साथ ही यू.एन. के जिन सदस्य देशों द्वारा यहाँ से परमाणु ईंधन निकाला जाएगा, उन्हें इसके पुनर्भंडारण की लागत भी अदा करनी होगी।
इसके अतिरिक्त कज़ाकिस्तान तक परमाणु ईंधन को लाने-ले जाने हेतु परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये आई.ए.ई.ए. द्वारा रूस के साथ वर्ष 2015 में एक समझौते पर हस्ताक्षर भी किये गए है।
इस बैंक की स्थापना का उद्देश्य क्या है?
भविष्य में जब आई.ए.ई.ए. के सदस्यों यूरेनियम का उत्पादन करने में असमर्थ हो जाते हैं या किसी अन्य कारण से यह अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुपलब्ध हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में यह बैंक कम-समृद्ध यूरेनियम के अंतिम स्रोत के रूप में सेवा करेगा।
एक तरह से देख जाए तो यह परियोजना परमाणु ऊर्जा के अप्रसार संबंधी प्रयासों में भी सहायता प्रदान करेगी।
इसका कारण यह है कि यूरेनियम की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने का विकल्प बहुत से देशों को उनकी यूरेनियम संवर्धन क्षमताओं को विकसित करने से बाधित करेगा।
इसके अतिरिक्त यह बैंक यह भी सुनिश्चित करेगा कि किसी अंतर्राष्ट्रीय संकट या इसी तरह की किसी अन्य परिस्थिति में, परमाणु ऊर्जा पर निर्भर देशों की यूरेनियम तक पहुँच बनी रहे।
परमाणु ईंधन रिज़र्व के संबंध में निर्धारित प्रमुख मानदंड क्या है?
परमाणु ईंधन रिज़र्व के प्रबंधन का कार्य आई.ए.ई.ए. का है, स्पष्ट है कि इस रिज़र्व/बैंक क�
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